बॉलीवुड के सुपरस्टार धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर का नाम शायद ही किसी ने सुना हो, लेकिन उनकी जिंदगी की कहानी बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक है। 70 साल की उम्र में भी वह धर्मेंद्र के जीवन का अहम हिस्सा बनी हुई हैं, हालांकि उन्होंने हमेशा चर्चा और सुर्खियों से दूरी बनाए रखी।
पंजाबी परिवार में जन्म और पालन-पोषण
प्रकाश कौर का जन्म एक सामान्य पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता किसान थे और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक-ठाक थी। प्रकाश ने बचपन से ही पारंपरिक पंजाबी संस्कृति और मूल्यों को अपनाया, जिसे उन्होंने आज तक संभाल कर रखा है।
प्रकाश कौर की शादी धर्मेंद्र से तब हुई जब वह एक साधारण युवक थे और बॉलीवुड में अपना करियर बनाने का सपना देख रहे थे। शादी के बाद के शुरुआती सालों में दोनों ने कई आर्थिक मुश्किलों का सामना किया। प्रकाश ने हमेशा धर्मेंद्र का साथ दिया और उनके सपनों को पूरा करने में मदद की।
धर्मेंद्र के सफलता के सफर में योगदान
जब धर्मेंद्र मुंबई आए और फिल्म इंडस्ट्री में काम करने लगे, तब प्रकाश कौर ने घर संभाला और बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने हमेशा धर्मेंद्र को मानसिक समर्थन दिया और परिवार की जड़ों को मजबूत रखा।
हेमा मालिनी के साथ संबंध
धर्मेंद्र के हेमा मालिनी से रिश्ते के बाद भी प्रकाश कौर ने संयम और समझदारी से व्यवहार किया। उन्होंने कभी भी सार्वजनिक रूप से कोई विवाद नहीं खड़ा किया और न ही किसी को बुरा-भला कहा। इस मुश्किल समय में भी उन्होंने अपनी गरिमा बनाए रखी। प्रकाश कौर ने अपने बेटों सनी देओल और बॉबी देओल की परवरिश में पारंपरिक मूल्यों को शामिल किया। उन्होंने बच्चों को सादगी, ईमानदारी और मेहनत का महत्व सिखाया। आज भी सनी और बॉबी अपनी मां का बहुत सम्मान करते हैं और उनसे नियमित संपर्क में रहते हैं।
वर्तमान जीवन शैली
आज 70 साल की उम्र में प्रकाश कौर एक सादा जीवन जीती हैं। वह पंजाब में रहती हैं और अपने परिवार के साथ समय बिताती हैं। उन्होंने कभी भी मीडिया का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश नहीं की और न ही किसी तरह की सनसनी फैलाने में रुचि दिखाई। हालांकि धर्मेंद्र ने हेमा मालिनी से शादी की, लेकिन प्रकाश कौर से उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं हुआ। वह उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बनी रहीं और धर्मेंद्र ने हमेशा उनके और बच्चों की जिम्मेदारी निभाई।
समाज के लिए प्रेरणा
प्रकाश कौर का जीवन आज की औरतों के लिए एक मिसाल है। उन्होंने सिखाया कि कैसे मुश्किल हालात में भी अपनी गरिमा बनाए रखी जा सकती है। उनकी सहनशीलता, समर्पण और परिवार के प्रति प्रतिबद्धता काबिलेतारीफ है।प्रकाश कौर का जीवन इस बात का प्रमाण है कि असली ताकत चर्चा में आने से नहीं, बल्कि अप ने सिद्धांतों और मूल्यों पर डटे रहने से आती है। उन्होंने जिस तरह से जिंदगी की हर चुनौती का सामना किया, वह हर किसी के लिए सीख का विषय है।